अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारा गया..पाकिस्तान में है ओसामा और अल जवाहिरी :मुलेन|














अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन मारा गया


अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन की मौत हो गई है. जानकारी के मुताबिक ओसामा की लाश अमेरिकी अधिकारियों को मिल चुकी है.
अल जजीरा ने भी ओसामा बिन लादेन की मौत की खबर दी है. अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने टीवी पर संबोधन के जरिए ओसामा बिन लादेन की मौत की पुष्टि की.
ओबामा ने कहा कि हजारों निर्दोषों की हत्‍या करने वाला आतंकी ओसामा मारा गया. इस मौके पर उन्‍होंने 9/11 की दिल दहला देने वाली आतंकी वारदात का भी जिक्र किया.
ओबामा ने कहा कि पाकिस्‍तान के साथ चलाए गए ऑपरेशन में ओसामा मारा गया. उसकी मौत पाकिस्‍तान के अबोटाबाद में हुई. उन्‍होंने कहा कि सुबह पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति आसिफ अली जरदारी से उनकी बात हुई है.
ओबामा ने कहा कि ओसामा के ठिकाने का पता एक हफ्ते पहले ही चल चुका था. अफगानिस्‍तान की सीमा के पास उसकी मौजूदगी की खबर लगातार मिल रही थी. अंतत: ओबामा के निर्देश पर ही उसके सही ठिकाने का पता चलते ही हमला कर दिया गया और उसकी मौत हो गई. इस घटना में किसी अमेरिकी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. 
दुनिया के मोस्‍ट वांटेड आतंकी ओसामा बिन लादेन पाकिस्‍तान में सीआईए के चलाए ऑपरेशन का शिकार बना. लादेन के साथ उसके 20 साथी भी मारे गए हैं.
फिलहाल ओसामा बिन लादेन की लाश अमेरिकी अधिकारियों के कब्‍जे में है. ओसामा की मौत को अमेरिका अपनी उपलब्धि के तौर पर देख रखा है. बहरहाल, इस घटनाक्रम ने विश्‍व राजनीति के मंच पर नई हलचल मचा दी है.

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पाकिस्तान में है ओसामा और अल जवाहिरी :मुलेन|
अफगानिस्तान के समीप पाकिस्तान के कबायली इलाकों को अल कायदा का वैश्विक मुख्यालय करार देते हुए अमेरिका के शीर्ष सैन्य कमांडर माइक मुलेन ने कहा है कि अमेरिका मानता है कि आतंकी नेटवर्क का प्रमुख ओसामा बिन लादेन और उसका सहायक अयमान अल जवाहिरी इसी देश में हैं.
मुलेन ने कहा कि क्षेत्र में इन आतंकी नेताओं की मौजूदगी ही वह कारण है जिसकी वहज समग्र अफ.पाक नीति का मुख्य हिस्सा उन जैसे लोगों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने वाले क्षेत्रों के खात्मे पर केन्द्रित है.
गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले ही अमेरिकी विदेश सचिव हिलेरी क्लिंटन ने इस्लामाबाद में इसी प्रकार का बयान दिया था. हिलेरी ने हाल में इस्लामाबाद यात्रा के दौरान कहा था कि लादेन और अल कायदा के शीर्ष नेता पाकिस्तान में हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस दावे को ‘अटकल’ कहकर खारिज कर दिया था.
सवालों के जवाब में मुलेन ने कहा कि अल कायदा नेता बेहद सुरक्षित स्थलों पर छिपे हुए हैं तथा उनका पता लगना कठिन है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कबायली क्षेत्र अल कायदा आतंकी नेटवर्क के वैश्विक मुख्यालय हैं.
मुलेन ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान की सराहना की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान के हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की जरूरत है. उनके अनुसार यह नेटवर्क पाकिस्तान में अपनी गतिविधियों के कारण अफगानिस्तान में शांति प्रयासों को बाधा पहुंचा रहा है. उन्होंने हक्कानी गुट को सबसे घातक नेटवर्क करार दिया.
उन्होंने पाकिस्तान से कई बार यह अनुरोध किया है कि इस खतरे का सामना किया जाये. पाकिस्तानी सेना हक्कानी गुट के कारण उत्पन्न खतरे से वाकिफ है. अमेरिकी सैन्य कमांडर ने कहा, ‘‘हक्कानी नेटवर्क अफगानिस्तान में विद्रोही गतिविधियों में मजबूती से संलग्न है तथा उसके खिलाफ मजबूत रूख अपनाये जाने की जरूरत है.’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में करीबी सहयोगी है तथा अमेरिका इस युद्ध में पाकिस्तान को मदद एवं सहयोग देता रहेगा. पाकिस्तान सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में सफलता हासिल करने का महत्वपूर्ण फैसला किया है.
मुलेन ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान और अमेरिका खुफिया एजेंसियों के बीच भरोसा बढ़ा है तथा संकेत दिया कि इस क्षेत्र में अधिक किया जा सकता है. उन्होंने आतंकवादियों को पकड़ने में पाकिस्तानी सेना और आईएसई की भूमिका की सराहना की.
मुलेन ने इस बात से इंकार किया कि अमेरिका ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी का कार्यकाल तीन साल बढ़ाने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डाला. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रभुसत्ता संपन्न देश है और यह पाकिस्तान का अंदरूनी मामला है.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में खुफिया तौर पर कोई अमेरिकी सैनिक नहीं है. पाकिस्तान में जो भी अमेरिकी सैनिक हैं वे उसके अनुरोध पर प्रशिक्षण मकसदों से भेजे गये हैं.
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दुनिया का मोस्‍ट वांटेड आतंकी था ओसामा बिन लादेन

अमेरिकी मीडिया ने कहा है कि दुनिया का सर्वाधिक वांछित आतंकवादी एवं अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन मारा गया है. पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों ने उसका शव बरामद कर लिया है. वह 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर हुए सबसे भीषण आतंकी हमले का मास्टरमाइंड था.
अधिकारियों ने बताया कि ऐसा माना जाता है कि लादेन का शव अमेरिकी अधिकारियों के पास है. वह अमेरिका की सेंट्रल इंटेलीजेंस एजेंसी (सीआईए) के एक अभियान में मारा गया. सीएनएन ने खबर दी है कि लादेन इस्लामाबाद के बाहर एक इमारत में मारा गया, न कि पाकिस्तान के कबाइली क्षेत्र में जहां उसके छिपे होने के बारे में कहा जाता था. एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि यह कोई ड्रोन अभियान नहीं था, बल्कि जमीनी अभियान था.
वैसे अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी लादेन के मारे जाने के बारे में घोषणा कर दी है. अमेरिका के अभियान के बारे में अब तक ज्यादा जानकारी नहीं मिली है.
ओसामा के कारनामों पर एक नजर:सऊदी अरब में जन्मा लादेन ऐसे समय मारा गया है, जब जुलाई महीने से अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी शुरू होने वाली है.
आतंकी नेटवर्क अलकायदा की स्थापना करने वाला ओसामा बिन लादेन (54वर्ष) न्यूयार्क और वाशिंगटन में 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों सहित कई आतंकी घटनाओं का मास्टरमाइंड था. वह 1998 में अफ्रीका में अमेरिका के दो दूतावासों पर हुए बम हमलों और अक्तूबर 2000 में अदन के यमनी बंदरगाह पर यूएसएस कोल पर हुए हमले की घटनाओं में संदिग्ध था.
सउदी अरब से निष्कासित ओसामा बिन लादेन अफगानिस्तान के तालिबान शासन पर अमेरिका नीत हमले के बाद से ही भागता फिर रहा था. तालिबान ने ही लादेन को अफगानिस्तान में पनाह दी थी. अमेरिका नीत हमले में तालिबान के शासन का खात्मा हो गया था. वर्ष 1957 में जन्मा लादेन सउदी अरब के सबसे धनी भवन निर्माता का बेटा था.

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मेरी मंजूरी से चलाया गया ऑपरेशन: बराक ओबामा










अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने टीवी पर संबोधन के जरिए ओसामा बिन लादेन की मौत की पुष्टि की.
ओबामा ने कहा कि हजारों निर्दोषों की हत्‍या करने वाला आतंकी ओसामा मारा गया. इस मौके पर उन्‍होंने 9/11 की दिल दहला देने वाली आतंकी वारदात का भी जिक्र किया.
ओबामा ने कहा कि पाकिस्‍तान के साथ चलाए गए ऑपरेशन में ओसामा मारा गया. उसकी मौत पाकिस्‍तान के अबोटाबाद में हुई. उन्‍होंने कहा कि सुबह पाकिस्‍तान के राष्‍ट्रपति आसिफ अली जरदारी से उनकी बात हुई है.
ओबामा ने कहा कि ओसामा के ठिकाने का पता एक हफ्ते पहले ही चल चुका था. अफगानिस्‍तान की सीमा के पास उसकी मौजूदगी की खबर लगातार मिल रही थी. अंतत: ओबामा के निर्देश पर ही उसके सही ठिकाने का पता चलते ही हमला कर दिया गया और उसकी मौत हो गई.
इस घटना में किसी अमेरिकी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. ओबामा ने स्‍पष्‍ट किया कि यह इस्‍लाम के खिलाफ जंग नहीं है.

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ओबामा ने कहा, 'न्‍याय हो गया है'








दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन की मौत हो गई. ओसामा बिन लादेन के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन को अमेरिकी एजेंसी सीआईए ने अंजाम दिया. अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा ने भी ओसामा की मौत की पुष्टि कर दी है.
अमेरिका पर 11सितंबर, 2001 को हुए भीषण आतंकी हमले के लगभग दस साल बाद अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के अबोटाबाद में अमेरिकी बलों के एक विशेष अभियान में सोमवार सुबह मारा गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार सुबह लादेन (54) के मारे जाने की घोषणा की और व्हाइट हाउस के बाहर एकत्र हुई भीड़ ने ‘अमेरिका अमेरिका’ के नारे लगाए.
अभियान का ब्योरा देते हुए ओबामा ने कहा कि पिछले हफ्ते उन्होंने जोर देकर कहा था, ‘‘ओसामा बिन लादेन को न्याय के कठघरे में लाने के लिए कार्रवाई करने और अभियान चलाने के लिए हमारे पास पर्याप्त खुफिया जानकारी है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज, मेरे निर्देश पर, अमेरिका ने पाकिस्तान में अबोटाबाद के उस परिसर को लक्ष्य कर अभियान चलाया.’’ अबोटाबाद इस्लामाबाद के 150 किलोमीटर उत्तर में स्थित है.
ओबामा ने व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम से विश्व के नाम संबोधन में कहा, ‘‘मैं अमेरिकी लोगों और विश्व को बता सकता हूं कि अमेरिका ने एक अभियान चलाया जिसमें हजारों निर्दोष पुरुषों महिलाओं और बच्चों की मौत का जिम्मेदार अलकायदा नेता और आतंकवादी ओसामा बिन लादेन मारा गया.’’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जैसे ही लादेन के मारे जाने के बारे में घोषणा की वाशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर और न्यूयार्क में तुरंत जश्न शुरू हो गया, जहां दस साल पहले वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर के टॉवर पर हुए आतंकी हमले में तीन हजार से अधिक लोग मारे गए थे.
ओबामा ने कहा, ‘‘न्याय हो गया है.’’ उन्होंने कहा कि अमेरिकियों की एक छोटी टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया. अभियान में कोई अमेरिकी घायल नहीं हुआ.
ओबामा ने कहा, ‘‘मुठभेड़ के बाद उन्होंने (अमेरिकी दल) ओसामा बिन लादेन को मार दिया और उसके शव को अपने कब्जे में ले लिया.’’
लादेन की मौत को युद्ध में ‘‘सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि’’ करार देते हुए ओबामा ने कहा, ‘‘हमें हर हाल में अपने यहां और विदेश में सतर्क रहना चाहिए और हम सतर्क रहेंगे.’’ अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन को निशाना बनाने के बाद लादेन का नाम दुनिया में सुखिर्यों में आ गया था. अमेरिका ने उसे ढूंढ़ निकालने के लिए अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में जबर्दस्त अभियान छेड़ रखा था.
ओबामा ने कहा, ‘‘हम फिर यह दोहराते हैं कि अमेरिका इस्लाम के खिलाफ लड़ाई में शामिल नहीं है और न ही कभी इसमें शामिल होगा. बिन लादेन मुस्लिम नेता नहीं था. वह बहुत से मुसलमानों का हत्यारा था.’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने अभियान खत्म होने के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से बात की और उनसे कहा कि यह दोनों देशों के लिए एक अच्छा और ऐतिहासिक दिन है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह याद रखना चाहिए कि हम इन चीजों को सिर्फ धन और ताकत के बल पर नहीं कर सकते बल्कि अपने संकल्प के बलबूते पर कर सकते हैं.’’ आतंकी नेटवर्क अलकायदा की स्थापना करने वाला ओसामा बिन लादेन (54वर्ष) न्यूयार्क और वाशिंगटन में 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों सहित कई आतंकी घटनाओं का मास्टरमाइंड था.
वह 1998 में अफ्रीका में अमेरिका के दो दूतावासों पर हुए बम हमलों और अक्तूबर 2000 में अदन के यमनी बंदरगाह पर यूएसएस कोल पर हुए हमले की घटनाओं में संदिग्ध था.
सउदी अरब से निष्कासित ओसामा बिन लादेन अफगानिस्तान के तालिबान शासन पर अमेरिका नीत हमले के बाद से ही भागता फिर रहा था. तालिबान ने ही लादेन को अफगानिस्तान में पनाह दी थी. अमेरिका नीत हमले में तालिबान के शासन का खात्मा हो गया था.
लादेन पूर्व में अमेरिका और अन्य बलों द्वारा अफगानिस्तान की तोरा बोरा पहाड़ियों सहित कई जगहों पर हुए हमलों में बच निकला था. बीते समय में ऐसी खबरें आती रहीं कि वह या तो मारा जा चुका है या फिर मधुमेह जैसी बीमारियों के चलते उसकी मौत हो गई होगी लेकिन फिर से उसके जिन्दा होने की खबर आ जाती.
ओसामा वीडियो और ऑडियो टेप भेजकर अमेरिकी तथा अन्य बलों का मजाक भी बनाता था और धमकी देता था कि अमेरिका तथा अन्य ठिकानों पर और अधिक हमले किए जाएंगे. सन 1957 में जन्मा लादेन सउदी अरब के सबसे धनी निर्माण उद्यमी का बेटा था.


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